Tuesday, 24 November 2015

पाकिस्तान के सन्दर्भ में मेरी एक सूक्ति- योगेन्द्राश



काटते हो हमारे सर,

क्या लज्जा हैं नहीं तुममे,

जरा सा मान रखना सरहदो

का सीख लो प्यारे,

क्य़ूँ वार करते हो हमारी

पीठ पर छुपके....

अगर औकात हैं तो आओ

दिल्ली जीत लो प्यारे..।।


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